Siddha Kunjika Stotram PDF Free Download: Lyrics in Hindi & Sanskrit | सिद्ध कुंजिका स्तोत्र विनियोग सहित : Siddha Kunjika Stotram एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है, जो देवी दुर्गा की उपासना में विशेष महत्व रखता है। इसे दुर्गा सप्तशती का सार कहा जाता है। यदि कोई साधक सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती का पाठ न कर सके, तो केवल siddha kunjika stotram का पाठ करने से भी समान फल प्राप्त होने की मान्यता है।
इस लेख में आपको मिलेगा –
- सिद्ध कुंजिका स्तोत्र 11 बार पाठ का महत्व
- सिद्ध कुंजिका स्तोत्र pdf की जानकारी
- Lyrics (Hindi और Sanskrit)
- सिद्ध कुंजिका स्तोत्र विनियोग सहित
- सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पाठ मंत्र
- सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के फायदे
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र क्या है? (Definition)
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र देवी दुर्गा को समर्पित एक गुप्त और प्रभावशाली स्तोत्र है, जिसका उल्लेख रुद्रयामल तंत्र में मिलता है। यह स्तोत्र दुर्गा सप्तशती का “कुंजी” अर्थात् चाबी माना जाता है, जो सम्पूर्ण सप्तशती के पाठ का फल प्रदान करता है।
इस स्तोत्र में मुख्यतः बीज मंत्रों का प्रयोग है, जो साधना और मंत्र शक्ति को जागृत करने में सहायक होते हैं।
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र विनियोग सहित (Sanskrit)
ॐ अस्य श्रीकुंजिकास्तोत्रमंत्रस्य सदाशिव ऋषिः, अनुष्टुप् छंदः,
श्रीत्रिगुणात्मिका देवता, ॐ ऐं बीजं, ॐ ह्रीं शक्तिः, ॐ क्लीं कीलकम्,
मम सर्वाभीष्टसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ।
शिव उवाच
शृणु देवि प्रवक्ष्यामि कुंजिकास्तोत्रमुत्तमम् ।
येन मंत्रप्रभावेण चंडीजापः शुभो भवेत् ॥ 1 ॥
न कवचं नार्गलास्तोत्रं कीलकं न रहस्यकम् ।
न सूक्तं नापि ध्यानं च न न्यासो न च वार्चनम् ॥ 2 ॥
कुंजिकापाठमात्रेण दुर्गापाठफलं लभेत् ।
अति गुह्यतरं देवि देवानामपि दुर्लभम् ॥ 3 ॥
गोपनीयं प्रयत्नेन स्वयोनिरिव पार्वति ।
मारणं मोहनं वश्यं स्तंभनोच्चाटनादिकम् ।
पाठमात्रेण संसिद्ध्येत् कुंजिकास्तोत्रमुत्तमम् ॥ 4 ॥
अथ मंत्रः ।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे ।
ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल
ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा ॥ 5 ॥
इति मंत्रः ।
नमस्ते रुद्ररूपिण्यै नमस्ते मधुमर्दिनि ।
नमः कैटभहारिण्यै नमस्ते महिषार्दिनि ॥ 6 ॥
नमस्ते शुंभहंत्र्यै च निशुंभासुरघातिनि ।
जाग्रतं हि महादेवि जपं सिद्धं कुरुष्व मे ॥ 7 ॥
ऐंकारी सृष्टिरूपायै ह्रींकारी प्रतिपालिका ।
क्लींकारी कामरूपिण्यै बीजरूपे नमोऽस्तु ते ॥ 8 ॥
चामुंडा चंडघाती च यैकारी वरदायिनी ।
विच्चे चाभयदा नित्यं नमस्ते मंत्ररूपिणि ॥ 9 ॥
धां धीं धूं धूर्जटेः पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी ।
क्रां क्रीं क्रूं कालिका देवि शां शीं शूं मे शुभं कुरु ॥ 10 ॥
हुं हुं हुंकाररूपिण्यै जं जं जं जंभनादिनी ।
भ्रां भ्रीं भ्रूं भैरवी भद्रे भवान्यै ते नमो नमः ॥ 11 ॥
अं कं चं टं तं पं यं शं वीं दुं ऐं वीं हं क्षम् ।
धिजाग्रं धिजाग्रं त्रोटय त्रोटय दीप्तं कुरु कुरु स्वाहा ॥ 12 ॥
पां पीं पूं पार्वती पूर्णा खां खीं खूं खेचरी तथा ।
सां सीं सूं सप्तशती देव्या मंत्रसिद्धिं कुरुष्व मे ॥ 13 ॥
कुंजिकायै नमो नमः ।
इदं तु कुंजिकास्तोत्रं मंत्रजागर्तिहेतवे ।
अभक्ते नैव दातव्यं गोपितं रक्ष पार्वति ॥ 14 ॥
यस्तु कुंजिकया देवि हीनां सप्तशतीं पठेत् ।
न तस्य जायते सिद्धिररण्ये रोदनं यथा ॥ 15 ॥
इति श्रीरुद्रयामले गौरीतंत्रे शिवपार्वतीसंवादे कुंजिकास्तोत्रं संपूर्णम् ।
यह बीज मंत्र अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है और साधना में विशेष प्रभाव उत्पन्न करता है।
Siddha Kunjika Stotram Lyrics in Hindi
हिंदी में सिद्ध कुंजिका स्तोत्र Lyrics का पाठ करने से साधक को अर्थ समझने में सुविधा होती है। यह स्तोत्र देवी की स्तुति, बीज मंत्र और साधना शक्ति को जागृत करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
जो भक्त संस्कृत उच्चारण में कठिनाई महसूस करते हैं, वे हिंदी लिपि में भी इसका नियमित पाठ कर सकते हैं।
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के फायदे
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के फायदे आध्यात्मिक और मानसिक दोनों स्तरों पर माने जाते हैं:
- शत्रु बाधा से रक्षा
- भय और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
- साधना में शीघ्र सिद्धि
- मनोकामना पूर्ति
- आत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि
नियमित पाठ करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव होता है।
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र मंत्र साधना कैसे करें?
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र मंत्र साधना के लिए निम्न विधि अपनाई जाती है:
- प्रातः या रात्रि में शुद्ध स्थान पर बैठें
- देवी दुर्गा का ध्यान करें
- दीपक और धूप जलाएं
- विनियोग के साथ स्तोत्र का पाठ करें
- कम से कम 11 बार जप करें
नवरात्रि के समय इसका विशेष महत्व माना जाता है।
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र 11 बार पाठ का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र 11 बार पाठ करने से विशेष सिद्धि प्राप्त होती है। 11 संख्या को आध्यात्मिक पूर्णता और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है।
नियमित 11 बार जप करने से साधक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।
FAQ – Siddha Kunjika Stotram
1. Siddha Kunjika Stotram क्या है?
यह देवी दुर्गा का एक शक्तिशाली स्तोत्र है, जो दुर्गा सप्तशती का सार माना जाता है।
2. सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के फायदे क्या हैं?
यह शत्रु बाधा से रक्षा, भय नाश, मनोकामना पूर्ति और साधना सिद्धि में सहायक माना जाता है।
3. क्या सिद्ध कुंजिका स्तोत्र 11 बार पढ़ना चाहिए?
हाँ, 11 बार पाठ करने का विशेष महत्व बताया गया है और इसे शुभ माना जाता है।
4. क्या इसका पाठ बिना दुर्गा सप्तशती के किया जा सकता है?
हाँ, मान्यता है कि केवल siddha kunjika stotram का पाठ भी पूर्ण फल प्रदान करता है।





